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डा श्याम गुप्त का ब्लोग...

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Lucknow, UP, India
एक चिकित्सक, शल्य-चिकित्सक जो हिन्दी हिन्दू हिन्दुस्तान व उसकी संस्कृति-सभ्यता के पुनुरुत्थान व समुत्थान को समर्पित है व हिन्दी एवम हिन्दी साहित्य की शुद्धता, सरलता, जन-सम्प्रेषणीयता के साथ कविता को जन-जन के निकट व जन को कविता के निकट लाने को ध्येयबद्ध है क्योंकि साहित्य ही व्यक्ति, समाज, देश राष्ट्र को तथा मानवता को सही राह दिखाने में समर्थ है, आज विश्व के समस्त द्वन्द्वों का मूल कारण मनुष्य का साहित्य से दूर होजाना ही है.... मेरी दस पुस्तकें प्रकाशित हैं... काव्य-दूत,काव्य-मुक्तामृत,;काव्य-निर्झरिणी, सृष्टि ( on creation of earth, life and god),प्रेम-महाकाव्य ,on various forms of love as whole. शूर्पणखा काव्य उपन्यास, इन्द्रधनुष उपन्यास एवं अगीत साहित्य दर्पण (-अगीत विधा का छंद-विधान ), ब्रज बांसुरी ( ब्रज भाषा काव्य संग्रह), कुछ शायरी की बात होजाए ( ग़ज़ल, नज़्म, कतए , रुबाई, शेर का संग्रह) my blogs-- 1.the world of my thoughts श्याम स्मृति... 2.drsbg.wordpres.com, 3.साहित्य श्याम 4.विजानाति-विजानाति-विज्ञान ५ हिन्दी हिन्दू हिन्दुस्तान ६ अगीतायन ७ छिद्रान्वेषी

गुरुवार, 26 अगस्त 2010

बेंगलूरू में झंडारोहण---१५ अगस्त, २०१०.......


<--एक जज्बा यह भी--बडा पाव बेच रहे हैं तो क्या ................................... ..................... तीन लाख गुलाबों से बना बंगलूरू में इंडिया गेट
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-रंगोली.................... निवासियों से विचार विमर्श करते हुए डा श्याम गुप्त............ निर्विकार व सुषमा गुप्ता जी...


<- --बापू की अर्चना
<------.झंडा रोहण.... .....................१५ अगस्त २०१० को में बंगलौर में था | वहां मैंने देखा कि झंडारोहण समारोह हमारे यहाँ उत्तर भारत की अपेक्षा अधिक प्रभाव पूर्ण व परम्परागत ढंग से मनाया जाता है | डालर कालोनी , जे पी नगर के निबासियों की समिति द्वारा एक पार्क में यह आयोजन किया गया। समस्त कालोनी वासी स्त्रियाँ व पुरुष एकत्र हुए । तिरंगे के सम्मुख बापू महात्मा गांधीजी का चित्र व उसके सामने फल-फूलों से सजी थाली राखी गयी । स्त्रियों द्वारा उनके सम्मुख रंगोली भी सजाई गयी । समिति के अध्यक्ष द्वारा झंडारोहण किया गया तत्पश्चात सामूहिक राष्ट्रगान के बाद स्त्रियों द्वारा राष्ट्र भक्ति का गीत गाया गया एवं बंगलोर आवास विकास के कमिश्नर की पत्नी द्वारा गांधीजी की आरती तथा वन्दना की गयी, प्रसाद वितरण भी किया गया