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डा श्याम गुप्त का ब्लोग...

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Lucknow, UP, India
एक चिकित्सक, शल्य-चिकित्सक जो हिन्दी हिन्दू हिन्दुस्तान व उसकी संस्कृति-सभ्यता के पुनुरुत्थान व समुत्थान को समर्पित है व हिन्दी एवम हिन्दी साहित्य की शुद्धता, सरलता, जन-सम्प्रेषणीयता के साथ कविता को जन-जन के निकट व जन को कविता के निकट लाने को ध्येयबद्ध है क्योंकि साहित्य ही व्यक्ति, समाज, देश राष्ट्र को तथा मानवता को सही राह दिखाने में समर्थ है, आज विश्व के समस्त द्वन्द्वों का मूल कारण मनुष्य का साहित्य से दूर होजाना ही है.... मेरी दस पुस्तकें प्रकाशित हैं... काव्य-दूत,काव्य-मुक्तामृत,;काव्य-निर्झरिणी, सृष्टि ( on creation of earth, life and god),प्रेम-महाकाव्य ,on various forms of love as whole. शूर्पणखा काव्य उपन्यास, इन्द्रधनुष उपन्यास एवं अगीत साहित्य दर्पण (-अगीत विधा का छंद-विधान ), ब्रज बांसुरी ( ब्रज भाषा काव्य संग्रह), कुछ शायरी की बात होजाए ( ग़ज़ल, नज़्म, कतए , रुबाई, शेर का संग्रह) my blogs-- 1.the world of my thoughts श्याम स्मृति... 2.drsbg.wordpres.com, 3.साहित्य श्याम 4.विजानाति-विजानाति-विज्ञान ५ हिन्दी हिन्दू हिन्दुस्तान ६ अगीतायन ७ छिद्रान्वेषी

सोमवार, 14 अप्रैल 2014

लखनऊ पुस्तक मेले में काव्यगोष्ठी एवं ब्रज बांसुरी का लोकार्पण ...डा श्याम गुप्त...



                                  ....कर्म की बाती,ज्ञान का घृत हो,प्रीति के दीप जलाओ...


             १० -४-२०१४ को मोती महल लान में चल रहे लखनऊ पुस्तक मेले में अखिल भारतीय अगीत परिषद् एवं सृजन संस्था के तत्वावधान में   काव्यगोष्ठी  एवं डा श्याम गुप्त की ब्रजभाषा की पुस्तक..ब्रज बांसुरी  का लोकार्पण संपन्न हुआ |
अध्यक्ष व अतिथियों द्वारा मां वाग्देवी का माल्यार्पण


डा योगेश गुप्त द्वारा मुख्य अतिथि का माल्यार्पण


हास्य-व्यंगकार श्री सुभाष हुड़दंगी का काव्य पाठ

ब्रज बांसुरी का लोकार्पण

ब्रज बांसुरी के रचनाकार डा श्याम गुप्त द्वारा पुस्तक से कविता पाठ
             काव्य गोष्ठी कविता में अगीत वाद के प्रवर्तक डा रंगनाथ मिश्र की अध्यक्षता में संपन्न हुई | मुख्य अतिथि श्री विनोद चन्द्र पांडे 'विनोद' एवं विशिष्ट अतिथि श्री शारदा प्रसाद जी एवं डा श्याम गुप्त थे|  मां सरस्वती के माल्यार्पण एवं वन्दना पश्चात  अतिथियों का  माल्यार्पण किया गया | मंच व्यवस्था श्री पार्थोसेंन एवं संचालन सृजन संस्था के अध्यक्ष डा योगेश गुप्त द्वारा की गयी | काव्य गोष्ठी का संचालन सृजन संस्था के महामंत्री श्री देवेश शुक्ल देवेश द्वारा किया गया | नगर के तथा बाहर से आये हुए विभिन्न कवियों व कवयत्रियों द्वारा काव्यपाठ किया गया |
दर्शक गण